होशंगाबाद नमामि देवी नर्मदे यात्रा 10 जनवरी को होशंगाबाद में प्रवेश करेगी वृहद पौधरोपण करने के लिए किसानो के रजिस्ट्रेशन हेतु ऐप डेवलेप होशंगाबाद/02,दिसम्बर,2016/ नमामि देवी नर्मदे कार्यक्रम का शुभारंभ 11 दिसम्बर को अमरकंटक से किया जाएगा। नमामि देवी नर्मदे कार्यक्रम के तहत 11 दिसम्बर से प्रारम्भ यात्रा का 10 जनवरी को होशंगाबाद में प्रवेश होगा, 10 जनवरी को बनखेडी के ग्राम उमरधा में नमामि देवी नर्मदे के तहत पदयात्रा करने वाले यात्रियो का प्रवेश होगा यह यात्रा 21 जनवरी तक जिले में रहेगी ओर इसके पश्चात टिमरनी की और यात्रा का पडाव होगा। नमामि देवी नर्मदे कार्यक्रम के तहत होशंगाबाद जिले में जहां जहां यात्रा का पडाव होगा वहां वहां सघन पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। नर्मदा नदी के दोनो किनारो पर एक एक कि.मी. के क्षैत्र में पौधरोपण किया जाएगा। तत्संबंध में शुक्रवार को नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने नमामि देवी नर्मदे अभियान व कार्यक्रम से संबंधित सभी तैयारियो की समीक्षा की। कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत होशंगाबाद व हरदा जिले के नर्मदा नदी के किनारे के लगभग 200 हैक्टेयर भूमि पर पौधरोपण किया जाना है। इसके लिए सरकारी व निजी भूमि दोनो का चयन किया जाएगा। निजी भूमि के मालिक किसानो को प्रेरित किया जाएगा कि वे अपनी भूमि पर फलदार पौधे लगाए वहीं सरकारी जमीन पर फलदार पौधरोपण करने का दायित्व संबंधित सरकारी विभाग का होगा। ऐप में होगा किसानो का पंजीयन :- कमिश्नर ने वृहद स्तर पर पौधरोपण करने के लिए एक ऐप बनाने के निर्देश मैप आईटी भोपाल के श्री इन्द्र विशेन को दिए साथ ही इस ऐप में विशेष सहयोग करने के निर्देश एनआईसी होशंगाबाद के प्रबंधक श्री मनीष गुनवान को दिए। बताया गया कि नमामि देवी नर्मदे यात्रा से पूर्व यह ऐप बनकर तैयार हो जाएगा, इस ऐप में उन किसानो का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा जिनकी भूमि पर यात्रा के दौरान फलदार वृक्ष लगाए जाएगे। किसान एडोएयड मोबाईल के जरिए इस ऐप में अपना रजिस्ट्रेशन कराएगे और इसके पश्चात फलदार पौधे की मांग इस ऐप के माध्यम से करेंगे संबंधित विभाग ऐप पर किसानो के पौधे की मांग के अनुसार उन्हें अपनी नर्सरियो से पौधे उपलब्ध कराएगे। किसान पौधे प्राप्त होने पर इसकी सूचना ऐप पर देगा कि मुझे इतने पौधे प्राप्त हो गए है। पौधे लगाने के पश्चात इसकी समय समय पर मानिटरिंग की जाएगी एवं 3 चरणों में सब्सिडी की राशि किसानो के बैंक खातो में जमा की जाएगी। कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि यह ऐप बहुत आसान रहेगा और किसानो को भी आसानी से समझ में आ जाएगा। ऐप की विशेषताएं :- किसानो के रजिस्ट्रेशन के लिए बनाये जाने वाले ऐप में किसानो का नाम, रजिस्ट्रेशन नम्बर, पता, उसकी भूमि में कौन से पौधे लगाए गए है और उसकी संख्या से संबंधित जानकारी रहेगी जो एक क्लिक पर प्राप्त हो जाएगी। ऐप में किसान व पौधो की फोटो भी अपलोड कर डाली जाएगी, सब्सिडी की राशि से संबंधित जानकारी भी ऐप में मौजूद रहेगी। साथ ही ऐप में किसान के आधार कार्ड, समग्र आई डी, बैंक एकाउंट की डिटेल भी रहेगी, इसमे किसान के पास उपलब्ध सिंचाई के स्त्रोत की जानकारी पर यूआइडी नम्बर व पासवर्ड भी आएगा। ऐप में ग्राहक सेवा सहायता नम्बर भी रहेगा और किस किसान ने कौन से फलदार पौधे लगाए है। उसकी जानकारी भी रहेगी। पौधरोपण के 6 माह बाद इसका भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा और सत्यापन की फोटो ऐप पर अपलोड की जाएगी। ऐप के द्वारा किसान को स्वीकृत राशि की जानकारी भी मिलती रहेगी। पौधरोपण का 40 प्रतिशत खर्च सरकार वहन करेंगी :- कमिश्नर ने बताया कि पौधरोपण में होने वाले व्यय की राशि का 40 प्रतिशत सरकार वहन करेगी। जन अभियान परिषद भी अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधरोपण करने में किसानो की सहायता करेगी। कमिश्नर ने बताया कि आने वाले 3 वर्षो में फलदार उत्पादन के विक्रय के लिए मार्केट की तलाश भी कर ली जाएगी। श्री उमराव ने कहा कि होशंगाबाद के किसान जागरूक है। और हमेशा नया प्रयोग व नवाचार करते रहते है। उन्होने बताया कि पौधरोपण करने में शिक्षा विभाग, जिला पंचायत व आदिवासी विकास विभाग भी छोटे-छोटे स्तर पर कार्य करेंगे। यात्रा का उद्देश्य है पवित्र रहे नर्मदा:- कमिश्नर ने बैठक में सभी को अवगत कराया कि नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगो को जागरूक करना है कि वे यह प्रयास करे कि मां नर्मदा पवित्र बनी रहे वो कभी भी दूषित ना हो उसका जल स्वच्छ बना रहे इसका इको सिस्टम सही हो। नर्मदा नदी के इतिहास की जानकारी देंगे :- कमिश्नर श्री उमराव ने बताया कि मां नर्मदा की महत्ता व महिमा से आम जनो को अवगत कराने के लिए नर्मदा नदी के इतिहास से आम जनो को अवगत कराया जाएगा। लोगो को यह भी बताया जाएगा कि आज से 60 वर्ष पूर्व नर्मदा का स्वरूप कैसा था और आज कैसा हो गया है। इसके लिए डाक्यूमेन्टी फिल्म भी बनाकर प्रदर्शित की जाएगी। नर्मदा नदी से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। नर्मदा नदी पर हुआ प्रजेंटेशन :- बैठक में प्रो. रवि उपाध्याय ने नदी का इतिहास बताते हुए प्रजेंटेशन की प्रस्तुति दी। बताया गया कि नर्मदा नदी के प्रवाह क्षैत्र में जगह जगह मंदिर बने हुए है। मार्बल की प्राप्ती होती है। नर्मदा 3 चरणो में नीचे उतरती है। प्रथम चरण को कपिल धारा दूसरे चरण को दूधधारा एवं तृतीय चरण को धुवांधार कहते है। नर्मदा में प्राचीन काल में डायनासोर, मेमन व अन्य जंतुओ की मौजूदगी मिलती है वही इसके आस पास शाल, सागौन, के वृक्ष पाए जाते हे। इसमें अनेक फूल जैसे गुलकावली, कमल, कुमुदनी मिलती है वहीं आसपास जलीय पक्षी व मछलियां बहुतायात में पाई जाती है। नर्मदा का अर्थ खुशी देने वाली :- बताया गया कि नर्मदा का संस्कृत में अर्थ खुशी देने वाली है। वालिटियर्स सहयोग करेंगे :- कमिश्नर ने डाक्यूमेन्ट्री फिल्म में सहयोग प्रदान करने के लिए इस पर रिसर्च करने वाले विद्यार्थियो को वालिटियर्स के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए। 58 गांवो में होगा पौधरोपण :- नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के दौरान होशंगाबाद व हरदा के 58 गांव में नर्मदा नदी के किनारे पौधरोपण किया जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि 100 किसानो का चयन कर आत्मा परियोजना के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। वाटसऐप एवं गूगल ग्रुप बनाने के निर्देश :- कमिश्नर ने बताया कि नमामि देवी नर्मदा अभियान से जुडे लोगो का वाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है। वहीं उन्होने गुगल ग्रुप भी बनाने के निर्देश दिए।
नमामि देवी नर्मदे अभियान की सभी तैयारियां प्रारंभ