नई दिल्ली. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी ने उड़ी हमले के दो दिन बाद यानी 20 सितंबर को तीनों सेनाओं के चीफ के साथ साउथ ब्लॉक में बने वॉर रूम में करीब ढाई घंटे मीटिंग की थी। इस दौरान उन्होंने आतंकियों के खिलाफ मिलिट्री एक्शन प्लान पर चर्चा की।