तलेन -(सतीश यादव) लगातार विवादो मे रहने वाला तलेन पढ़ाना मार्ग पर नाली निर्माण का कार्य शुरू किया है जो की एक तरफ बनायीं जा रही है यह निर्माण केंद्रीय सड़क निधि योजना से 65.63 करोड रुपए के लागत से बन रहे 25.50 किलोमीटर तलेन,मऊ, पढ़ना मार्ग पर नगर के शुजालपुर मार्ग स्थित सारंगपुर नाके से नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। नगर में उक्त मार्ग पर नाली निर्माण की मांग दोनों और की जा रही थी लेकिन उक्त टेंडर में नाली का एक और होना बताया गया था जो की शुजालपुर मार्ग से सारंगपुर मार्ग की ओर 700 मीटर तक है। मार्ग के निर्माण के बाद नाली निर्माण की जगह उपलब्ध न होने के कारण अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी। नगर में इस मार्ग पर सारंगपुर नाके पर अधिकतर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों का कहना है कि राजस्व व नगर परिषद द्वारा उक्त स्थान पर अतिक्रमण की कार्रवाई न करना आने वाले समय में गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकती है। इस चौराहा पर सारंगपुर मार्ग शुजालपुर मार्ग, सब्जी बाजार मार्ग और बारवा खुर्रम व नगर के वाहन मार्ग से आते हैं। जिससे सारंगपुर नाके पर अधिकतर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ,नहीं हटा अतिक्रमण प्रारंभ हुआ नाली निर्माण, 12 मी चौड़ी सड़क पर 7 मीटर सीसी कंक्रीट सड़क और दोनों ओर 2.5/2.5 मीटर शोल्डर/पेवर्स और उसके बाद नाली का निर्माण होना था। लेकिन स्थानीय राजस्व और नगर परिषद द्वारा नगर के उक्त मार्ग पर अतिक्रमण की कार्रवाई न किए जाने के कारण ठेकेदार द्वारा जहां जैसी जगह उपलब्ध होगी वैसी नाली का निर्माण किए जाने की बात कही जा रही है। नए सीएमओ बृजेश कुमार आर्य कहा इस विषय में जानकारी नहीं उन्होंने कहा मैं फाइल देख कर दिखवाता हूं। पहले भी हो चुकी है नाली निर्माण के सम्बन्ध में शिकायात लोगों ने नाली निर्माण व अतिक्रमण को व्यवस्थित करने की थी मांग। साथ ही परिषद पर आरोप लगाया था कि जनप्रतिनिधियों को खुश रखने के लिए कार्रवाई नहीं की जा रही है। कंपनी इंजीनियर जितेंद्र अग्रवाल ने बताया की नाली तो पूरी बनेगी जहां जितनी जगह मिलती है उतना ही क्लियर कर देंगे कब तक कार्य रोके हमने विभाग को बोल दिया है वहां से क्लियर नहीं हो पा रहा है मेरा काम पूरा होने वाला है। इस संबंध में , ,नाली का निर्माण जहां जितनी जगह उपलब्ध हो जाएगी उस आधार पर रहेगा।हमने एसडीएम, नगर परिषद को लेटर लिखा है। अतिक्रमण हम नहीं हटा सकते यह काम राजस्व और नगर परिषद का है हम नहीं जानते कहा कितना अतिक्रमण है।, पीके शर्मा एसडीओ पीडब्ल्यूडी सारंगपुर