बड़वानी (नरेन्द्र गुप्ता) -शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वंदना भारती एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एल एन गुप्ता के उदासीन पूर्ण रवैये के चलते एवं दूरस्थ ग्रामीण अचलों कि अध्ययनरत आदिवासी छात्राओं को मप्र शासन की योजनाओं से निर्मित 30 सीट का छात्रावास 2019 में बनकर तैयार हो जाने के बावजुद भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। तथा महाविद्यालय प्रशासनकि लापरवाही और छात्राओं के द्वारा बार-बार ज्ञापन एवं धरने प्रदर्शन के बावजुद मह‌विद्यालय के प्राचार्य डॉ वदना भारती के कान में जु तक नहीं रेंगती है। प्राचार्य द्वारा हर बार छात्राओं को डरा धमका कर एवं हमें कहा जाता है कि म.प्र उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ही महाविद्यालय को छात्रावास की सुविधा नहीं दी गयी है। ऐसा कहकर शासन बहुमुखी योजनाओ का दुष्प्रचार कर इससे मप्र शासन की छवि धुमिल कर रहे है। साथ ही महाविद्यालय में पदस्थ डॉ. एल एन गुप्ता पर जो पूर्व में श.भी.ना. शासकीय महाविद्यालय चडवानी में कम्यूटर खरीदी के 2 करोड रूपये के गबन के आरोप में उन पर जांच चल रही है। जांच अंकित होने के बावजुद म.प्र शासन द्वारा मात्र एक किलो मीटर कि दुरी पर ही पदस्थापन कर दी गई है। जो उन पर लगे आरोपों की जांच को प्रभावित कर सकते है। श.भी.ना.शासकीय महाविद्यालय बडवानी में 2 करोड रूपये से और लाईन बैस के लिए कम्प्यूटर खरीदी में गबन के आरोप साबित होने के पश्चात और नये भवन को सील कर दिया गया था जिसे बिना आला अधिकारीयों जांच पूर्ण न होने के बावजुद उक्त भवन को खोल दिया गया है। जो एक जांच का विषय है।जनभागीदारी समिति से महाविद्यालय द्वारा संचालित इदजीत छात्रावास ए व बी, ब्लाक जिन्हे कोरोना काल में बंद कर दिया गया था। महाविद्यालय प्रशासन को छात्र संगठन द्वारा बार-बार ज्ञापन और धरने प्रदर्शन करने के बावजूद महाविद्यालय प्रशासन आदिवासी छात्राओं के छात्रावास को जानबूझकर शुरू नहीं किया जा रहा है। शासकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ वदना भारती एवं प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एल एन गुप्ता जो की तत्काल प्रभाव से हटाय जाये एवं शहीद भीमा नायक के इंद्रजीत छात्रावास ए व बी ब्लॉक को पुनः शुरू करे। छात्र नेता बादल गिरासे, संजना चौहान, संदीप पवार गणेश कुशवाह ,मांगीलाल पवार अर्पिता, निकिता सक्सेना, माना, राधा ने मांग की एक सप्ताह के भीतर दोनों महाविद्यालय के छात्रावासों को शुरू नहीं किया, और डॉ. वदना भारती एवं डॉ एल एन गुप्ता को नहीं हटाया गया तो, NSUI छात्र संगठन अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी।