मुख्यमंत्री जी ने क्षेत्रवासियों की मांग अनुसार सेंधवा एवं निवाली की माइक्रो उद्वहन परियोजनाओं का किया नामकरण बड़वानी (नरेन्द्र गुप्ता)/मां नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी है और निमाड़ के वासी बहुत भाग्यशाली है, जो उन्हे मां नर्मदा का आंचल मिला है। मां नर्मदा के आंचल से सिंचित होने के कारण बड़वानी बागवानी के लिए प्रसिद्ध है। नर्मदा घाटी की इंदिरा सागर परियोजना एवं लोअर गोई परियोजना की नहरों से जिले में सूक्ष्म सिंचाई पहले से हो रही है परन्तु जिले के कुछ सुदूर क्षेत्रों में मां नर्मदा के जल से सिंचाई से वंचित थे। प्रदेश की सरकार ने आज उसे भी दूर करते हुए निवाली एवं सेंधवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन किया है। उक्त दोनों योजनाओं के पूर्ण हो जाने से जिले के सुदूर क्षेत्रों के किसानों को अब अपने खेतों के लिए मां नर्मदा का जल मिलने लगेगा । आज सेंधवा वासियों के लिए आनंद उत्सव का दिन है क्योंकि मां नर्मदा उनके क्षेत्र में आने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उक्त बाते शनिवार को सेंधवा में आयोजित निवाली एवं सेंधवा क्षेत्र के किसानों को माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के भूमिपूजन हेतु आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने सेंधवा एवं निवाली माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का क्षेत्र वासियों की मांग के अनुसार नामकरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सेंधवा माइक्रो उद्वहन परियोजना का नाम अब निमाड़ के गांधी श्री रामचंद्र विट्ठल के नाम पर होगा तथा निवाली माइक्रो उद्वहन परियोजना का नाम टंट्या मामा के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री जी की घोषणाएं मुख्यमंत्री जी ने मंच से घोषणा की, कि जिले के समस्त वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाया जाएगा। वही सेंधवा नगर पालिका क्षेत्र में 15 करोड़ की लागत से वाटर पार्क व उद्यान निर्माण का कार्य की घोषणा। विकासखण्ड सेंधवा के अड़नदी रूलीबढ़ से हाथीगुड़िया, चिलारिया से पलासपानी खुरमाबाद से नावनी तक डामरीकृत रोड की घोषणा, वरला रोड ब्रिज के पास सर्विस रोड का निर्माण की घोषणा भी की। वही कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी ने पानसेमल विधायक की मांग पर पानसेमल में भी मां नर्मदा का जल लाने की घोषणा की। साथ ही निवाली में नवीन विद्युत केन्द्र बनाने की भी घोषणा की। शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभों का वितरण मंच से किया। मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना की हितग्राही कुमारी तश्वी बारसकर, कुमारी प्रियांशी राठौर को आश्वासन प्रमाण पत्र, स्व-सहायता समूह की 207 दीदीयों को 5.65 करोड़ का ऋण वितरण, पीएमएफएमई योजना के तहत श्री कमलेश वागरे को 8 लाख का ऋण तथा श्री सुमित डुडवे को 5 लाख का ऋण वितरण, पीएमएमवाई योजना के तहत श्री हर्षवर्धन चौहान को 2.41 लाख का ऋण तथा ज्योति ठक्कर को 11 लाख का ऋण, संत रविदास योजना के तहत श्री प्रवीण वर्मा को 12 लाख का ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्राति योजना के तहत श्री गौरव सेन को 11 लाख का ऋण, सविता गुप्ता को 14.40 लाख का ऋण, श्री मोहन यादव को 8.80 लाख का ऋण, श्री प्रवीण राठौर को 7.70 लाख का ऋण, श्री समीर राठौड़ को 8 लाख का ऋण वितरण, भगवान बिरसा मुण्डा योजना के तहत श्री काशीराम ब्राम्हणे को 4.50 लाख का ऋण वितरण, सीसी योजना के तहत हर्ष ट्रेडर्स को 7 लाख का ऋण वितरण, महाकाल स्व-सहायता समूह को 15 लाख का ऋण, पीएम स्वनिधि योजना के तहत श्री सुखदेव महाले को 50 हजार रुपये की ऋण राशि का वितरण किया गया। 2580.827 करोड़ की लागत के 13 कार्याे का किया भूमिपूजन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेध्ंावा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1088.24 करोड़ की लागत से बनने वाली निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना का, 1402.74 करोड़ की लागत से बनने वाली सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना का, 1.519 करोड़ की लागत से बनने वाली नांदियाबड जल प्रदाय योजना का, 2.287 करोड़ रोजनिमाल जल प्रदाय योजना का, 1.9912 करोड़ की लागत से बनने वाली चिचवानिया से अम्बी मार्ग का, 1.69 करोड़ की लागत से सेंधवा में बनने वाले पार्क एवं राजराजेश्वर तालाब सौंदर्यीकरण कार्य का, 1.319 करोड़ की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बोकराटा का, 6.7483 करोड़ की लागत से बनने वाली 30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालय भवन बड़वानी का, 6.8915 करोड़ की लागत से 6.29 किलामीटर के बनने वाले रामकेाला से चाचरिया मार्ग का, 8.0661 करोड़ की लागत से 7.20 किलोमीटर के बनने वाले आमझिरी से सिवन्या मार्ग का, 46.2003 करोड़ की लागत से बनने वाले 21 किलोमीटर के राजपुर से दवाना मार्ग का, 6.135 करोड़ की लागत से बनने वाले पिपरकुण्ड से शिवनी मार्ग का, 7 करोड़ की लागत से सेंधवा में बनने वाले अम्बेडकर कालोनी से बालक हायर सेकेण्डरी स्कूल तक सीसी रोड़ डिवाइडर एवं सेंटर लाइटिंग के कार्य का भूमिपूजन किया। 58.463 करोड़ की लागत के 19 कार्याे का किया लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सेंधवा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 3.1 करोड़ की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवती में 10 कक्षों का निर्माण कार्य का, 3.32 करोड़ की लागत से निर्मित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चौकी का, 3.8829 करोड़ की लागत से निर्मित आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास पलसूद का, 3.8581 करोड़ की लागत से निर्मित आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास पाटी का, 3.527 करोड़ की लागत से निर्मित स्पोर्टस काम्पलेक्अस हाउसिंग फार आल यूनिट 1 एवं 2 का, 1.24 करोड़ की लागत से निर्मित टप्पा कार्यालय भवन पलसूद का, 1.24 करोड़ की लागत से निर्मित टप्पा कार्यालय भवन खेतिया का, 1.31 करोड़ की लागत से निर्मित एसडीएम कार्यालय भवन पानसेमल का, 4.125 करोड़ की लागत से निर्मित आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास अंजड़ का, 1.685 करोड़ की लागत से निर्मित सिविल अस्पताल सेंधवा के पीआईसीयू वार्ड का निर्माण का, 1.8471 करोड़ की लागत से निर्मित ग्राम मण्डवाड़ा में 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन, 2.529 करोड़ की लागत से निर्मित ग्राम ब्राम्हणगांव में 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उन्नयन का, 3.0194 करोड़ की लागत से निर्मित ग्राम मटियामेल में मेल्या बैराज का, 2.91 करोड़ की लागत से निर्मित मेहतगांव बैराज का, 3.179 करोड़ की लागत से निर्मित ग्राम खुटवाड़ी में सनफदेव बैराज का, 4.32 करोड़ की लागत से निर्मित एबी चौतरिया से लिंबई मार्ग का, 3.43 करोड़ की लागत से निर्मित बांदरकच्छ से बघाड़ी मार्ग का, 2.58 करोड़ की लागत से निर्मित 33/11 केवी उपकेन्द्र अजगरिया का, 7.36 करोड़ की लागत से निर्मित जूनाझीरा से अतरसंभा मार्ग का लोकार्पण किया। 2490.98 करोड़ की लागत से बनने वाली निवाली एवं सेंधवा माइक्रो उद्वहन परियोजना की महत्वपूर्ण बातेः- सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना 1402.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगी परियोजना से जिले के 98 ग्रामों में लगभग 44148.50 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए 14.14 क्युमेक्स जल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। परियोजना अंतर्गत बड़वानी तहसील के ग्राम खेड़ी के समीप से नर्मदा नदी के जल को 2.70 मीटर व्यास की पाईप लाईन के माध्यम से 501 मीटर की उंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। दाबयुक्त जल से कृषक स्प्रिंकलर/ड्रिप के माध्यम से सिंचाई का लाभ ले सकेंगे एवं कम जल से अधिक सिंचाई का लाभ मिलेगा। इस पद्धति से सिंचाई हेतु किसानों को भूमि समतल करने की आवश्यकता नही होगी। परियोजना के मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 56.394 किलोमीटर है। परियोजना अंतर्गत कुल 5 पंप हाउस बनाये जायेंगे। परियोजना से सेंधवा तहसील के 67 ग्राम, राजपुर तहसील के 24 ग्राम, निवाली तहसील के 06 ग्राम, बड़वानी तहसील के 01 ग्राम के कृषक लाभान्वित होंगे। इसी प्रकार निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना 1088.24 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होगी परियोजना से जिले के 87 ग्रामों में लगभग 33179़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए 10.62 क्युमेक्स जल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। परियोजना अंतर्गत तहसील पाटी के ग्राम बोरखेड़ी के समीप से नर्मदा नदी के जल को 2.60 मीटर व्यास की पाईप लाईन के माध्यम से 465 मीटर की उंचाई तक जल उद्वहन किया जायेगा। दाबयुक्त जल से कृषक स्प्रिंकलर/ड्रिप के माध्यम से सिंचाई का लाभ ले सकेंगे एवं कम जल से अधिक सिंचाई का लाभ मिलेगा। इस पद्धति से सिंचाई हेतु किसानों को भूमि समतल करने की आवश्यकता नही होगी। परियोजना के मुख्य पाईप लाईन की कुल लंबाई 40.183 किलोमीटर है। परियोजना अंतर्गत कुल 5 पंप हाउस बनाये जायेंगे। परियोजना से तहसील पाटी के 29 ग्राम, बड़वानी के 26 ग्राम तथा निवाली के 32 ग्रामों के कृषक लाभान्वित होंगे। किया हितग्राहियों से संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा भी की। इस दौरान उन्होने हितग्राहियों से जाना कि वे किस योजनाओं से लाभान्वित हुए है, और योजना से लाभान्वित होने के बाद उनके जीवन में क्या परिवर्तन हुए है। प्रबुद्धजनों से किया संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रबुद्धजनों से संवाद किया । इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने जाना कि वे लोग किस प्रकार से समाज सेवा सहित अन्य कार्य करते है। क्षेत्र में कार्य करने में उन्हे क्या परेशानियां आती है और लोगों के चेहरों पर वे किस प्रकार मुस्कान लाते है। मुख्यमंत्री जी ने समस्त प्रबुद्धजनों से चर्चा के उपरांत सभी के कार्यो की सराहना करते हुए उन्हे धन्यवाद भी दिया। यह थे उपस्थित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री अंतरसिंह आर्य, राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, लोकसभा सांसद श्री गजेन्द्रसिंह पटेल, केबिनेट मंत्री एवं अलीराजपुर विधायक श्री नागरसिंह चौहान, पूर्व केबिनेट मंत्री श्री प्रेमसिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंतसिंह पटेल, पानसेमल विधायक श्री श्याम बर्डे, नगर पालिका सेध्ंावा अध्यक्ष श्रीमती बसंतीबाई यादव, पूर्व विधायक पानसेमल श्री दीवानसिंह पटेल एवं सुश्री चन्द्रभागा किराड़े, पूर्व सांसद श्री सुभाष पटेल, नगर पालिका बड़वानी श्रीमती अश्विनी चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कमलनयन इंगले, इन्दौर ग्रामीण आईजी श्री अनुराग, खरगोन डीआईजी श्री सिद्धार्थ बहुगुणा, कलेक्टर डॉ. राहुल फटिंग, पुलिस अधीक्षक श्री जगदीश डावर सहित अपार जनसमूह मे ग्रामीणजन उपस्थित थे।