होशंगाबाद/23,दिसम्बर,2016/ नर्मदापुरम् संभाग कमिश्नर श्री उमाकांत उमराव ने जैव विविधता एवं नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा की बैठक में बताया कि नर्मदा सेवा यात्रा प्रारंभ हो चुकी है यह यात्रा जिले में 10 जनवरी को प्रवेश करेगी इस दौरान संभाग के लगभग 100 स्थलो पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। यात्रा का उद्देश्य नर्मदा नदी के प्रति जन जागरूकता उत्पन्न करना है ताकि नर्मदा का अविरल प्रवाह बना रहे तथा उसकी पवित्रता अक्षुण रहे, नमामि देवी नर्मदा यात्रा के दौरान कार्यक्रम स्थलो पर जैव विविधता प्रबंधन समितियो के माध्यम से जैव विविधता के संबंध में प्रचार प्रसार कर आम जनता के बीच इसके महत्व को समझाकर जागरूकता पैदा की जाएगी। कमिश्नर ने बताया कि जन अभियान परिषद के माध्यम से स्कूल एवं कालेज के विधार्थियो को जैव विविधता के संबंध में प्रशिक्षित किया जा रहा है। यात्रा के दौरान इन प्रशिक्षित विधार्थियो का भी सहयोग लिया जाएगा। म.प्र. जैव विविधता बोर्ड द्वारा स्थानीय स्तर पर रिसोर्स पर्सन तैयार किए है। जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की गतिविधियों में इन रिसोर्स पर्सन का उपयोग किया जाएगा। जैव विविधता के संबंध में गणमान्य नागरिको, बृद्धजिवियो, लेखको, पत्रकारो, जनप्रतिनिधियो, शिक्षक, व्याख्याताओ, समाज सेवियों, स्वयं सेवी संगठनो की बैठक ली जाएगी एवं उनसे सहयोग मांगा जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि नर्मदापुरम् संभाग में लगभग 200 कि.मी. में नर्मदा का प्रवाह क्षैत्र है इसका समग्र अध्ययन किया जाना आवश्यक है। नर्मदा के आंकडे संग्रहित कर उसका अध्ययन, विश्लेषण तथा अभिलेखीकरण किया जाना है। जैव विविधता के संबंध में डां विपिन व्यास व डां रवि उपाध्याय द्वारा संयुक्त रूप से अध्ययन किया जा रहा है। वो अपनी अध्ययन रिपोर्ट 30 दिसम्बर तक प्रस्तुत करेंगे। श्री उमराव ने बताया कि नर्मदा के रिपेरियन जोन की पहचान कर उसके प्रवाह को तथा इकोलांजिकल संरचना तथा उनकी अन्य अश्रितता का अध्ययन किया जाएगा। इसे क्षति पहुंचाने वाले कारक तथा इसके पुर्नस्थापना के उपाए का भी अध्ययन किया जाएगा इस हेतु 20 से 25 किलोमीटर पर छोटे-छोटे खण्ड बनाकर उनका समग्र अध्ययन किया जाएगा। कमिश्नर ने बताया कि इसके साथ ही सहायक नदियो जैसे तवा, दुधी, गंजाल आदि के उद्गम स्थल से नर्मदा तक उनके परिस्थितिकीय प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही ताप्ती एवं उसके अपवाह तंत्र के अध्ययन की आवश्यकता पर भी बल दिया जाएगा। बैठक में सदस्य सचिव जैव विविधता बोर्ड श्री आर श्रीनिवास मूर्ति द्वारा बताया गया कि जैव विविधता के संबंध में 7 विभाग कार्य रहे है ये विभाग अपने अपने क्षैत्र के अंतर्गत जैव विविधता संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में कार्य करते है उन्होने कहा कि ईको सिस्टम सेवाओ को बढाने का कार्य किया जाए। उन्होने कहा कि ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत स्तर पर जैव विविधता संरक्षण समितियो को सक्रिय किया जाए, बच्चों में जागरूकता के लिए छोटी-छोटी डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाकर प्रदर्शित की जाए। इस हेतु उन्होने आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। एस.टी.आर. के संचालक श्री ए के नागर ने कहा कि हर्बल पार्क होशंगाबाद के सामने नर्मदा तट पक्षियो के प्रजनन केन्द्र के रूप में स्थापित है। इसे मानवीय क्षति ना पहुंचाने हेतु आवश्यक कार्यवाही का सुझाव दिया।
जैव विविधता प्रबंधन समितियो के माध्यम से जैव विविधता का प्रचार प्रसार किया जाए :- कमिश्नर ईको सिस्टम सेवाओ को बढाने का कार्य करें :- सदस्य जैव विविधता बोर्ड आर श्री निवास मूर्ति