भोपाल। महानगर को—आपरेटिव बैंक में नोटबंदी के बाद सौ से अधिक फर्जी खाते खोलकर करीब पचास करोड़ से ज्यादा की ब्लैक मनी को व्हाइट कराया गया है। यह खुलासा इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा महानगर को—आपरेटिव बैंक और भाजपा नेता सुशील वासवानी और उनके परिवार के सदस्यों के दफ्तर और घरों में छापे के बाद उजागर हुआ है। भाजपा नेता सुशील वासवानी के और उससे संबंधित लोगों के यहां इनकम टैक्स द्वारा की जा रही जांच से सीधे जुड़े एक सीनियर अफसर ने बताया कि एक सुनियोजित तरीके से महानगर को—आॅपरेटिव बैंक में नोटबंदी के बाद यह खाते खोले गए और पचास करोड़ से ज्यादा का ब्लैक मनी इन खातों के जरिए व्हाइट किया गया। इनकम टैक्स के इस अफसर ने आगे बताया कि पचास करोड़ का आंकड़ा प्रारंभिक जांच में आया है। जांच पूरी होने तक यह आंकड़ा तीन डिजिट में पहुंच जाएगा। महानगर को—आॅपरेटिव बैंक, जिसके अध्यक्ष सुशील वासवानी की पत्नी किरण वासवानी है और सुशील वासवानी मंत्री उमाशंकर गुप्ता संघ के वरिष्ठ नेता शशि भाई सेठ और दूसरे भाजपा पृष्ठभूमि से जुड़े लोग हैं। ऐसा माना जा रहा है कि महानगर को—आपरेटिव बैंक के माध्यम से भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं और कारोबारियों के ब्लैक मनी को इन फर्जी खातों के जरिए व्हाइट किया गया है।
50 करोड़ से ज्यादा पुराने नोट बदले गये महानगर बैंक से भाजपा व संघ के नेता घिर सकते हैं