नई दिल्ली। अपने आरोपों से संसद के अंदर भूचाल लाने का दावा करने वाले कांग्र्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जब बोले तो सुगबुगाहट भी नहीं ला पाए। गुजरात के मेहसाणा में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वही घिसे-पिटे और पुराने आरोप लगाए जिसे सुप्रीम कोर्ट भी खारिज कर चुका है।
जबकि कोर्ट में केस करने वाले अधिवक्ता भी अब तक कोई नया तथ्य नहीं ला पाए हैं। ऐसे में भाजपा ने पलटवार करते हुए यह जरूर याद दिलाया कि जनता लगातार साबित कर रही है, "प्रधानमंत्री गंगा की तरह पवित्र हैं। जबकि खुद राहुल पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले में बेल पर बाहर हैं।"
नोटबंदी पर संसद में गतिरोध के दौरान ही राहुल गांधी ने दावा किया था कि उनके पास प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत भ्रष्टाचार की पुख्ता जानकारी है और इसीलिए उन्हें नहीं बोलने दिया जा रहा है। और अगर उन्हें संसद में बोलने दिया गया तो भूचाल आ जाएगा। हालांकि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी यही आरोप मोदी पर पहले से लगाते रहे हैं।
बुधवार को पीएम मोदी के गढ़ मेहसाणा में राहुल ने अपनी पहली जनसभा के दौरान आरोप लगाया कि सहारा और बिड़ला ग्र्रुप ने तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री को पैसे दिए थे। उस वक्त आयकर विभाग के छापे में इसकी जानकारी मिली थी। जाहिर है कि यह न तो नया आरोप था और न ही इसमें कोई दम था।
चूंकि अधिवक्ता प्रशांत भूषण के इसी आरोप को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था और कहा था कि अपने कंप्यूटर में कोई भी किसी का नाम लिख ले तो उसे सुबूत नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने भूषण से कहा था कि कोई ठोस सुबूत हो तो लाएं। आगे की सुनवाई में कोर्ट तय करेगा कि याचिका स्वीकृत की जाए या नहीं।
दूसरी तरफ भाजपा आक्रामक रही। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल की राजनीतिक समझ पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि वह कांग्रेस की लगातार हार से हताश हैं। प्रधानमंत्री मोदी का चरित्र गंगा के समान पवित्र है और यही कारण है कि नोटबंदी के कारण हुई शुरुआती परेशानी के बावजूद हर प्रदेश में भाजपा को जीत मिल रही है।
ऐसे नेता पर राहुल खोखला आरोप लगाकर खुद को और भी नीचे गिरा रहे हैं। रविशंकर ने याद दिलाया कि राहुल खुद भी नेशनल हेराल्ड घोटाले के मामले में बेल पर बाहर हैं। कांग्र्रेस काल में जमीन से आसमान और समुद्र तक लाखों करोड़ रुपये के घोटाले हुए लेकिन राहुल चुप रहे। अब बेसिर पैर के आरोप लगाकर खुद के लिए टीआरपी जुटा रहे हैं।
राहुल के आरोप
- 22 नवंबर 2014 को सहारा समूह पर पड़े छापे में जब्त दस्तावेज में आरोप था कि मोदीजी को अक्टूबर 2013 से फरवरी 2014 के बीच नौ बार में 40 करोड़ रुपये दिए गए थे।
- बिड़ला समूह ने भी 12 करोड़ रुपये मोदीजी को तब दिए, जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
- आयकर विभाग के पास इससे संबंधित दस्तावेज हैं, लेकिन जांच क्यों नहीं हो रही?
- देश में सिर्फ एक फीसद बेइमान हैं जिनके लिए पीएम मोदी ने 99 प्रतिशत ईमानदार लोगों को परेशान किया।
- नोटबंदी के पीछे सरकार का मकसद सिर्फ अमीर लोगों का बैंक लोन माफ करना है।
- मोदी सरकार ने विजय माल्या का 1200 करोड़ का कर्जा माफ कर दिया। उसका पैसा क्यों माफ किया?
रविशंकर प्रसाद का पलटवार
- राहुल अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले में कांग्रेस "परिवार" की मिलीभगत से ध्यान हटाने के लिए यह आरोप लगा रहे हैं।
- राहुल खुद 5000 करोड़ रुपये के नेशनल हेराल्ड घोटाले में जमानत पर हैं और भारत के ईमानदार प्रधानमंत्री पर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
- कांग्रेस का इतिहास भ्रष्टाचार का रहा है। उसने घोटाला करने में धरती, आकाश और समुद्र तक को नहीं छोड़ा।
- 10 साल की सरकार में मनमोहन सिंह से अधिक आपकी ताकत थी। तब आपने किसी घोटाले पर क्यों कुछ नहीं बोला?
- जब उनके बहनोई (रॉबर्ट वाड्रा) हरियाणा सरकार से लाखों-करोड़ों रुपये कमा रहे थे, तब उन्होंने एक शब्द भी नहीं बोला।
- राहुल के बारे में जनता मानती है कि वह बोलने से पहले नहीं सोचते और ना ही बोलने के बाद सोचते हैं।
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