भोपाल  : बुधवार, दिसम्बर 14, 2016, 21:16 IST राज्य शासन ने खरीफ-2015 में प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त हुई फसलों के लिये बीमा दावे की अतिरिक्त राशि जारी की है। इससे एक लाख 25 हजार किसान लाभान्वित होंगे। उनके खाते में 244 करोड़ की राशि का समायोजन होगा। प्रमुख सचिव किसान-कल्याण एवं कृषि विकास श्री राजेश राजौरा ने बताया कि देश के इतिहास में आज तक की सबसे बड़ी दावा राशि का मध्यप्रदेश में वितरण हो रहा है। इस अतिरिक्त दावा राशि के स्वीकृत होने से कुल मिलाकर प्रदेश के 22 लाख 70 हजार किसान को 4660 करोड़ रुपये बीमा दावा राशि के रूप में प्राप्त होंगे। प्रमुख सचिव कृषि श्री राजौरा ने बताया कि कुछ कमियों के कारण शेष रह गये किसानों को बीमा दावा राशि दिलवाने के लिये मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुन: विवेचना की गयी। विशेष प्रयासों के चलते शेष रह गये सवा लाख किसान को राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना का लाभ मिला। प्रमुख सचिव ने बताया कि अतिरिक्त दावा राशि में सबसे अधिक राशि खण्डवा जिले के 35 हजार 550 किसान को 76 करोड़ 67 लाख, बैतूल जिले के 26 हजार 129 किसान को 55 करोड़ 39 लाख, राजगढ़ जिले के 13 हजार 369 किसान को 16 करोड़ 57 लाख, छतरपुर जिले के 5379 किसान को 5 करोड़ 36 लाख, हरदा जिले के 7000 किसान को 16 करोड़ 56 लाख, सागर जिले के 9650 किसान को 16 करोड़ 11 लाख, उज्जैन जिले के 2944 किसान को 11 करोड़ 54 लाख और विदिशा के 1198 किसान को 3 करोड़ 85 लाख रुपये की दावा राशि अतिरिक्त जारी की गयी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि लाभान्वित किसानों में एक लाख 15 हजार 438 किसान सोयाबीन, 3263 किसान मक्का, 2419 किसान धान, 1698 किसान मूँगफली, 850 किसान तुअर दाल शामिल हैं। प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रदेश में राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना में 22 लाख 70 हजार किसान को 4660 करोड़ की राशि वितरित की जा रही है। यह राशि प्रदेश में दी जा रही बीमा राशि का औसतन 21 हजार 500 प्रति किसान है। उन्होंने बताया कि बीमा राशि की गणना, कितने का बीमा करवाया, कितना ऋण लिया और फसल को कितनी क्षति पहुँची, इस आधार पर किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन किसानों की फसल के खराब होने का प्रतिशत कम है, उन्हें कम बीमित राशि प्राप्त हो रही है। प्रमुख सचिव ने बताया कि बीमा राशि की गणना पाँच साल की कटाई के औसत पर थ्रेसहोल्ड उपज की क्षतिपूर्ति के आधार पर की जाती है।