नई दिल्लीः* ओपेक देशों की ओर से 30 नवंबर को क्रूड प्रोडक्शन कटौती पर सहमति बनने के बाद से ही क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। अब नॉन ओपेक देश भी क्रूड प्रोडक्शन में कटौती करने पर राजी हो गए हैं। इससे क्रूड कीमतों में आगे और तेजी देखने को मिलेगी। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि क्रूड 58 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच सकता है। इसका असर देश में पैट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी के रूप में दिखाई दे सकता है। एविएशन कंपनियां भी किराए में 5 फीसदी तक की बढ़ौतरी कर सकती हैं। हालांकि इंडियन ऑयल और भारत पैट्रोलियम को रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से फायदा होगा।
58 डॉलर तक जा सकता है क्रूड, पैट्रोल-डीजल की कीमतों में आएगा उछाल*