होशंगाबाद-संभाग के होशंगाबाद,हरदा एवं बैतूल जिले में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय भोपाल एवं इन्दिरा गाॅधी कम्प्यूटर साक्षरता मिशन के तहत संभाग में 112 संस्थाओं को मान्यता मिली है बाबजूद इन विषयों को लेकर होशंगाबाद जिले में 200 से अधिक तथा संभाग में 700 के लगभग फर्जी कम्प्यूटर सेंटर कार्यरत है जो डी.सी.ए.,बी.सी.ए.,पीजीडीसीए, डीसीपीए आदि का की डिग्री दिलाने के नाम पर मोटी फीस वसूल कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर स्वयं को मान्यता प्राप्त बतलाते है जबकि वे दूसरे सेन्टरों से परीक्षार्थी के रूप में बच्चों को फार्म भरवाते है ताकि छात्रवृृत्ति भी हजम कर सके,ऐसे सभी सेंटरों पर तत्काल रोक लगाने की माॅग नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति के द्वारा आयुक्त महोदय होशंगाबाद से की है। समिति अध्यक्ष ए.आर.यादव के अनुसार बिना मान्यता एवं अधिकार के अनुचित रूप से इन विष्यों का अकुशल लोगों से प्रशिखण दिलाकर बच्चों को स्वयं का सेन्टर बताकर फीस वसूलने के बाद कहा जाता है कि उनके यहाॅ सीटे पूरी हो गयी अब दूसरे सेंटर से परीक्षा देना होगी। जबकि ऐसे कम्प्पूटर संस्थानों को मान्यता प्राप्त नहीं है लेकिन वे गुमराह कर बच्चों को प्रवेश देकर फर्जी डिग्रियाॅ दिलाने में जुटे है। प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह सब चल रहा है जिसकी शिकायत पूर्व में संस्था द्वारा की गयी थी तब सिवनीमालवा एवं पिपरिया में परीक्षा सेन्टरों से वंचित लोग लामबद्ध होकर पुलिस थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुॅचे थे; बच्चों के साथ हो रहे इस शोषण एवं फर्जीवाड़ा की जानकारी अभिभावकों को तब होती है जब बच्चे अयोग्य शिक्षकों से टीचिंग पाते है और उन्हें सेंटर के लिये इंतजार करने को कहा जाता है। इन फर्जी सेन्टरों की बाढ़ आने का कारण शासन की योजनाओं के तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षैत्रों के अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ावर्ग, अल्पसॅख्यक वर्ग के प्रतिभावान बच्चों को उक्त डिग्रियाॅ प्राप्त किये जाने के लिये करोड़ों रूपये की छात्रवृृत्ति अनुदान दिया जाता है जो प्रवेश के साथ ही इन फर्जी कम्प्यूटर सेंटरों द्वारा बच्चों के प्रवेश के समय नगद लिया जाकर छात्रवृृत्ति अनुदान मिलते ही अधिकाशं उन बच्चों को वापिस कर दिया जाता है जिन्हें पता है लेकिन जो नहीं जानते उनके अनुदान का पैसा हजम कर लिया जाता है,इस पर अगर मानीटरिंग की जाये तो संभाग में यह 100 करोड़ रूपये का घोटाला उजागर होगा। संभाग के हरदा,बैतूल जिले सहित संभाग मुख्यालय के नाक नीचे यह सब चल रहा है जिसमेें शिक्षा के इस गोरखधंधे में कमीशनबाजी का काला सच देखने को मिलता है जिसमें ऐसे सेन्टर जिसमें बच्चों को साल भर न तो पढ़ाया जाता है , न प्रशिक्षण दिया जाता है लेकिन अन्य संस्थाओं के बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित कराने में लाखों रूपये की कमीशनखोरी चल रही है जो बच्चों के लिये नुकसानदेह है। समिति अध्यक्ष श्री यादव के अनुसार संभाग में सैकड़ों बच्चे लाखों खर्च करने के बाद परीक्षा दे चुकने के सालों बाद आज भी कई विषयों के परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा में देखे जा सकते है जिनका समय,पैसा बर्बाद हो चुका है किन्तु परिणाम शून्य मिला।बच्चों के साथ धोखाधड़ी करने वाले कम्प्यूटर सेंटर संचालक राजनैतिक घुसपैठ के रहते बचे हुये है, जबकि कम्प्यूटर सेंटर संचालक सच को बताना नहीं चाहते है। श्री यादव के अनुसार उक्त सभी सेन्टरों की जाॅच अनुभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी से कराये जाने से इस लूटख्सूट पर से पर्दा उठ सकेगा, अन्यथा बच्चों के भविष्य को चैपट करने से रोका जाना मुश्किल होगा।
फर्जी कम्प्यूटर सेन्टरों से मनचाही डिग्री बेचने पर रोक लगाने की माॅग