- Written by B B Khare
पूर्व सांसद श्री.रामविलास वेदांती महाराज ने 2014 लोकसभा चुनाव लडने के लिये, हिन्दू महासभा से टिकट क्यों मांगा और प्रमोद पंडित जोशी ने विरोध क्यों किया? प्रकट हो गया है! वेदांती जी जिस न्यास की बात करते है वह और अन्य न्यास, रामालय, ट्रस्ट, समितीयां फर्जी है। इसके माध्यम से आज भी हर माह साठ लाख से एक करोड तक का चंदा इन्हें मिल रहा है। विवाद समाप्त होते ही इनका राजनीतिक- आर्थिक वर्चस्व समाप्त होगा। सोने का अंडा देनेवाली मुर्गी मर जाएगी। महंत श्री नृत्यगोपाल दास महाराज पर ग्वालियर में सैकडो एकर गो चरण भुमी अपहार का केस कलेक्टरेट में है,उसके नं. सार्वजनिक है। अन्य अपराधिक केस है। दुसरे एक फर्जी न्यासी कॉंग्रेस प्रभावित है जो, अपने गुरू- सेवादारों जीव हरण के आरोप सार्वजनिक है। श्रीराम जन्मस्थान वक्फ की संपत्ती है ही नहीं। 1887 मो.अजगर ने फैजाबाद कलेक्टर के उकसावे पर श्रीराम जन्मस्थान मंदिर में द्वार बनाकर पीछे मैदान में इबादत की याचिका लगाई थी। महंत खेमदास निर्मोही के हस्तक्षेप को ब्रिटिश सरकार के षडयंत्र ने रोका परंतु, न मस्जिद बनी न मंदिर में नमाज! इस ही आधारपर हम श्रीराम जन्मस्थान की पवित्रता को 1951 में कोर्ट में 17 राष्ट्रीय मुसलमानों के हलफनामे के अनुसार मंदिर परिसर श्री पंच रामानंदिय निर्मोही आखाडा को 78 वी बार सौंपने की मांग करते आ रहे है। भाजप- विहिंप और समर्थक 6डिसं. 1992 मंदिर विध्वंस के आरोपी है। निर्मोही आखाडे के ब्रह्मलिन महंत जगन्नाथ दास महाराज की फैजाबाद में FIR और दो सौ करोड भरपाई की याचिका पेंडिंग है। पक्षकारों में, मंदिर परिसर की बॉंड्री वॉल पर सहमती बनी तब PMO से मिलने का समय मांगा गया। भाजपा और समर्थक मंदिर मुद्दे को आर्थिक- राजनीतिक रूप से भुनाते रहे है।विवाद का समाधान हो, सांप्रदायिक सौहार्द बने रहे जिसमें श्री श्री की आंतरराष्ट्रीय ख्याती है इसलिए श्री श्री की मध्यस्थता का प्रस्ताव पक्षकारों ने स्वीकार किया। भाजपा - विहिंप- न्यास और कॉंग्रेस इमानदार होते तो शिलान्यास पश्चात मंदिर पुनर्निर्माण में कोई बाधा ही नहीं थी। अखिल भारत हिन्दू महासभा राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी द्वारा प्रकाशनार्थ |
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Written by B B Khare
District: Hoshangabad
State: Madhya Pradesh